याद - अज्ञेय's image
1 min read

याद - अज्ञेय

Sachchidananda Vatsyayan "Agyeya"Sachchidananda Vatsyayan "Agyeya"
0 Bookmarks 428 Reads3 Likes
(1)

कैसे कहूँ कि
किसकी याद आई?
चाहे तड़पा गई।

(2)

याद उमस
एकाएक घिरे बादल में
कौंध जगमगा गई।

(3)

भोर की प्रथम किरण फीकी :
अनजाने जागी हो
याद किसी की--

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts