अक़्ल के मसीहा's image
1 min read

अक़्ल के मसीहा

Rajkamal ChoudharyRajkamal Choudhary
0 Bookmarks 48 Reads0 Likes


नेशनल लाइब्रेरी में किताबों की दीवार के पीछे
छिपकर कोणार्क की ताज़ा मूर्तियाँ चूमते हैं।
माइनस – नाइन – चश्मा फ़र्श पर गिर जाता है,
अरसे तक पड़ा रहता है। मूर्तियाँ खिल खिलाती हुईं
किताबों की दीवार में समा जाती हैं। अक़्ल के मसीहा
हाथों से टटोलते रहते हैं माइनस-नाइन।

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts