शबनम में चाँदनी में गुलाबों में आएगा's image
1 min read

शबनम में चाँदनी में गुलाबों में आएगा

Kashmiri Lal ZakirKashmiri Lal Zakir
0 Bookmarks 48 Reads0 Likes

शबनम में चाँदनी में गुलाबों में आएगा

अब तेरा ज़िक्र सारी किताबों में आएगा

जो लम्हा खो गया है उसे फिर न ढूँढना

जो चाँद ढल चुका है वो ख़्वाबों में आएगा

दुख दे रही हैं उस की ये बर्फ़ीली आदतें

पिघलेगा एक दिन तो शराबों में आएगा

पहचान भी सकोगे नहीं अपने नाम को

आएगा भी तो इतने हिजाबों में आएगा

जब तेरा नाम हुस्न की तारीख़ बन गया

फिर मेरा ज़िक्र दिल की किताबों में आएगा

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts