इश्क़े-बुताँ का ले के सहारा कभी-कभी's image
1 min read

इश्क़े-बुताँ का ले के सहारा कभी-कभी

Arsh MalsianiArsh Malsiani
0 Bookmarks 54 Reads0 Likes

इश्क़े-बुताँ का ले के सहारा कभी-कभी
अपने ख़ुदा को हमने पुकारा कभी-कभी

आसूदा ख़ातिरी ही नहीं मतमए-वफ़ा
ग़म भी किया है हमने गवारा कभी-कभी

इस इन्तहाए-तर्के-मुहब्बत के बावजूद
हमने लिया है नाम तुम्हारा कभी-कभी

बहके तो मैक़दे में नमाज़ों पे आ गए
यूँ आक़बत को हमने सँवारा कभी-कभी

 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts