आपसे बेहद मुहब्बत है मुझे's image
1 min read

आपसे बेहद मुहब्बत है मुझे

Akbar AllahabadiAkbar Allahabadi
0 Bookmarks 65 Reads0 Likes

आपसे बेहद मुहब्बत है मुझे
आप क्यों चुप हैं ये हैरत है मुझे

शायरी मेरे लिए आसाँ नहीं
झूठ से वल्लाह नफ़रत है मुझे

रोज़े-रिन्दी[1] है नसीबे-दीगराँ[2]
शायरी की सिर्फ़ क़ूवत[3] है मुझे

नग़मये-योरप से मैं वाक़िफ़ नहीं
देस ही की याद है बस गत मुझे

दे दिया मैंने बिलाशर्त उन को दिल
मिल रहेगी कुछ न कुछ क़ीमत मुझे

१.शराब पीने का दिन
२.दूसरों की क़िस्मत में
३.ताक़त

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts