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पहले किसी राज्य के पठन-पाठन में संछिप्त रामायण का भी इस्तेमाल हुआ करता था बच्चों के लिए ।सिलेबस में उसका भी परीक्षा लिया जाता था ।लेकिन क्यो हटा दिया गया हमको समझ नही आता है । सभी को अपने धार्मिक पुस्तक पढ़ने का हक है ,इसे पढ़ना जरूरी है चाहे वो गीता हो या कुरान । इसे पढ़ने से बच्चों में संस्कृति ,परंपरा तथा आदर ,प्रेम ,सत्कार ,ईमानदारी भी बढ़ती है और हर एक ग्रंथ से जीने की राह मिलती है मनुष्य को ।
__---- युगांशु रवि-----
__---- युगांशु रवि-----
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