सार्वभौमिक's image
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क्या हम आधुनिकता के अधीन?

चाहते विचार रहें किंतु स्वाधीन!

हर कोने व कस्बे में विशेष भिन्नता,

लेकिन साथ जब आएं तब प्रसन्नता!

ऐसा दुर्लभ हमारी धरोहर में ज्ञान,

गंगोत्री में डुबकी और स्नान,

पौराणिक कथाएं,कीर्ति,चरित्र,

सबकी शोभा बहुमल्य एवं विचित्र!

गौरीकुण्ड से केदारनाथ का सफर,

बनाए आत्मन् को निर्भीक और प्रखर!

यमुनोत्री से शुरू होता निर्मल तीर्थ,

बद्री के दर्शन पश्चात सम्मुख अर्थ!

सारी नाड़ियों के दोष हों विलुप्त,

जब इन्द्रियां होती मनोबल से सुप्त!

सूक्ष्म अध्यन से व्याकुलता का निवारण,

अतुल्य संतोष देता एकादशी पश्चात पारण!



- यति







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