तन्हाई's image
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एक तन्हाई है जिससे रिश्तेदारी है,

जिंदगी जी ही नहीं, बस गुज़ारी है।


न जाने क्या नशा है उसकी बातों में,

जाम उठाया नहीं मगर खुमारी है।


मर रहा हूं अंदर से उसकी चाहत में,

तबीब कहते है कोई बड़ी बीमारी है।


कल बची हुई रोटीयां बांटी थी जिनमें,

वो कह रहे थे चलो आज इफ्तारी है।


वो जो सोते हैं सड़को पर सर्द रातों में,

वो जिंदगी सवाल है सवाल बड़ा भारी है।


Vikram...

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