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अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस ( मां )

SHAYAR VISHU KINGSHAYAR VISHU KING March 9, 2022
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की ममता के आंचल से बंधे हैं हम
 जो वो छुटा तो टूट जाएंगे हम

 दूर होके भी दिल धड़कता है उनका मेरे सीने में
 जो माँ रूठ गई तो
 मर जाएंगे हम,

 माँ की हाथो की रोटी जो देती है सूकुन
 उसके आगे जन्नत भी फिका पड जाएगी कम

 माँ के बगल में बैठ के बाते करना
 ऐसा लगता जैसा पूरी दुनिया हमारी,
 माँ के कदमो में हम

 वो माँ, जान है हमारी
 उसके जिगर के टुकड़े है हम
उस पर आंच आने से पहले  मुझसे टकरा के जाएंगे
 जिसको कहते हैं भगवान हम

 मां की विन्नते मिन्नते सेवा करेंगे,
 मरते दम तक
 आंखों से तेरी आंसू एक बुंद भी ना टपकने देंगे
 जब तक जिंदा है हम

 की माँ तुमसे सची महोब्बत करते हैं हम
 जो साथ छूटा तेरा तो मर जाएंगे हम ❤️

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