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रेत पे लिख रहे हैं कुछ सुनहरी यादें।

Vishal ShandilyaVishal Shandilya January 21, 2022
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लहरों को रोक, हम रेत पे लिख रहे हैं, कुछ सुनहरी यादें।

थोड़ा ठहर जा ए समंदर, हमें बस इक नज़र देख लेने दे।

इजाफ़ा कितना हुआ, मेरी चाहतों में, ये मालूम नहीं।

हसरतें जिंदा हैं, रेत का ही सही, घर देख लेने दे।

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