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बहुत महँगा पड़ेगा Vinit Singh Shayar

Vinit SinghVinit Singh February 13, 2022
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सोच लो यार बहुत महँगा पड़ेगा

रंज दुनियाँ का तुम्हे सहना पड़ेगा


ख़ुद में ही खो जाता हूँ मैं अक्सर

दूर दुनियाँ से तुम्हे रहना पड़ेगा


दिन गएँ जब मैं पढ़ लेता था आँखें

दिल में दर्द हो तो कहना पड़ेगा


ऊब जाता हूँ मैं नज़दीकियों से

वक़्त बेवक़्त मुझ से लड़ना पड़ेगा


थाल फूलों की लिये कोई नहीं है

साथ अंगारों पर चलना पड़ेगा


~विनीत सिंह

Vinit Singh Shayar

Thank you for reading



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