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बढ़ती जनसंख्या एक अभिशाप

vineetsharma739vineetsharma739 August 24, 2022
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दुनिया भर में बढ़ रही जनसंख्या के प्रति जागरूता बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा 1989 को प्रत्येक वर्ष 11 जुलाई को विश्व जनसँख्या दिवस मनाने की घोषणा की गयी | बढती हुई जनसँख्या आज के समय में भारत जैसे देशों के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनती जा रही है |आबादी के हिसाब से वर्तमान में भारत का विश्व में दूसरा स्थान रखता है लेकिन अगर समय रहते नही चेता गया तो वो दिन दूर नही जब इस रैंकिंग में भारत प्रथम स्थान पर होगा | विविधताओं से भरा हमारा देश इस भार को झेलने के लिए बिलकुल भी तैयार नही है| भारत जैसे विकासशील जैसे देश में बढती आबादी और सीमित संसाधन होने के कारण बेरोजगारी और भुखमरी जैसी समस्या दिनों दिन बढती जा रही है नतीजन देश का विकासशील से विकसित की श्रेणी में पहुंचना नामुमकिन|
             देश में बढती हुई आबादी कारण योग्य नागरिक अच्छे रोजगार की तलाश में दुसरे देशों में पलायन कर रहें हैं| इस समस्या को सरकार के साथ साथ हमे भी उतनी ही गंभीरता से लेना होगा क्युकी हमारा हित भी इसी में है की आबादी नियंत्रित हो| जहाँ सरकार को जनसँख्या नियंत्रण के लिए कड़े कानून बनाये जाने चाहिए वही  देश के नागरिकों को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी तथा धर्म,विचारधारा से ऊपर उठकर देश की प्रगति के लिए जनसँख्या नियंत्रण पर अपनी गंभीरता दिखानी चाहिए| देश की गति और हित में सरकार सिर्फ कानून बना सकती है लेकिन देश के नागरिकों को जनसँख्या जैसे मुद्दों पर संवेदनशील होते हुए मात्र 2 बच्चों की नीति को अपनाना ही होगा |जहाँ एक ओर जनसँख्या वृद्धि के कारण लोगो के रहने के लिए जंगल काटे जा रहे हैं जिससे पर्यावरण का संतुलन ख़राब हो रहा है | विकासशील देशों  मे तपेदिक जैसे रोगों का फैलना बढती जनसँख्या का नमूना है| वो दौर और था जब जानकारी और मनोरंजन के आभाव में जनसँख्या बढ़ने के प्रति गंभीरता नही थी| लेकिन आज जब प्रत्येक इंसान अपने हित को अच्छे से समझता है और् जानकारी के पर्याप्त संसाधन है तो हमे सोचना होगा | 
         अगर देश के जिम्मेदार और सच्चे नागरिक के रूप में देश के विकास के हम अपना योगदान देना चाहते हैं तो जनसंख्या नियंत्रण के प्रयास हमे खुद करने होंगे इसी मे हमारा वर्तमान और भविष्य सुरक्षित रहेगा|

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