पालनहारे's image
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ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:


ओम भयहरणं च भैरव:। ओम कालभैरवाय नम:। ओम ह्रीं बं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरूकुरू बटुकाय ह्रीं। ओम भ्रं कालभैरवाय फट्।


ओ पालनहारे,निर्गुण और न्यारे-तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं-हमरी उलझन-सुलझाओ भगवन-तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं


तुम्हीं हमका हो संभाले-तुम्हीं हमरे रखवाले-तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं


चन्दा में तुम्हीं तो भरे हो चांदनी-सूरज में उजाला तुम्हीं से-ये गगन है मगन-तुम्हीं तो दिए हो इसे तारे-भगवन ये जीवन-तुम्हीं ना संवारोगे-तो क्या कोई सँवारे-ओ पालनहारे निर्गुण और न्यारे-

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं

तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं


जो सुनो तो कहे-प्रभुजी हमरी है बिनती-दुखी जन को,धीरज दो-हारे नहीं वो कभी दुख से-तुम निर्बल को रक्षा दो-रह पाएं निर्बल सुख से-भक्ति को, शक्ति दो-भक्ति को, शक्ति दो-जग के जो स्वामी हो,इतनी तो अरज सुनो-हैं पथ में अंधियारे-दे दो वरदान में उजियारे,ओ पालनहारे-निर्गुण और न्यारे-तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं-हमरी उलझन, सुलझाओ भगवन-तुमरे बिन हमरा कौनो नाहीं

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