धागा प्रेम का's image
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सर्व सुख-शांति मंत्र -ॐ नमो भगवते हनुमते नम:।'


रहिमन धागा प्रेम का, मत तोरो चटकाय.

टूटे पे फिर ना जुरे, जुरे गाँठ परी जाय.

रहीम कहते हैं कि प्रेम का नाता नाज़ुक होता है. इसे झटका देकर तोड़ना उचित नहीं होता. यदि यह प्रेम का धागा एक बार टूट जाता है तो फिर इसे मिलाना कठिन होता है और यदि मिल भी जाए तो टूटे हुए धागों के बीच में गाँठ पड़ जाती है.


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