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Romantic PoetryPoetry1 min read

मोहब्बत की बीमारी

VicharVichar November 21, 2021
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बेताबी जब बढने लगे, बेचैनी रातों में जगाये,
मन के घोड़े बेलगाम होकर,
बस तुम्हारी याद दिलाएं, समझने की कोशिश तो करें पर कुछ समझ न आये,
हर कदम पर सही और गलत का फैसला न हो पाए, समझ लेना मोहब्बत की गिरफ्त हो
समझ लेना खुशियों के घर मे हो

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