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कल कभी नहीं आता हैं

Tanendra singh Rathore KhirjanTanendra singh Rathore Khirjan March 10, 2022
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ये सोचा कि कल कर दूंगा

सारी समस्या हल कर दूंगा

ला दूंगा नभ को पांव किनारे

तज दूंगा सहारे न्यारे न्यारे

और करूंगा भ्रम समर्पण

स्वयं को लौ में करके अर्पण

मैं आकाश भर के सारे तारे

ला दूंगा स्वयं भुजबंध किनारे

बहेगी संघर्ष रुप बन धारा

वर्चस्व रहेगा सिर्फ हमारा

कल तो मैं ये सब कर दूंगा

स्वयं में अर्जुन को भर दूंगा

दिनभर कल की बातें करते

कल सुबह फिर वही दोहराते

ये आलम कुछ कहता हरपल

सीख यही सिखलाता हैं

सुनो ए सुषुप्त धारे वीरों 

कल कभी नहीं आता है|


✍️ तनेंद्र


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