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चलो कुछ मर्म ढूंढ़ें

Bharti TripathiBharti Tripathi November 5, 2021
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"चलो कुछ मर्म ढूंढ़ें"


चलो कुछ मर्म ढूंढ़े

जीने का अर्थ ढूँढ़ें

जीवन के सार को

छानें और बीनें

चुन-चुन के पत्थर 

तराशें और छीनें

रेत के ढेर से 

मोतियों को चुनकर

चलो इन्हें फिर से

इक डोर में पिरो लें।


खर और तिनकों से

घरों को जोड़ें

कटी-फटी कतरन 

दोबारा से सी लें

खोयी-सी आस को 

वापस फिर पाकर

टूटे और बिख़रों को

मिलकर समेटें।


चलो कुछ मर्म ढूंढ़ें

जीने का अर्थ ढूंढ़ें।

          - भारती

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