तुमको खोए भी तो क्या खोए हैं's image
Poetry1 min read

तुमको खोए भी तो क्या खोए हैं

त्राणत्राण March 11, 2022
Share0 Bookmarks 127 Reads1 Likes

तुमको खोए भी तो क्या खोए हैं 

यादों में खोए भी तो क्या खोए हैं 


ना सुख़न है ना करार इस रेगिस्ताँ में 

फूल बोए भी तो कहाँ बोए हैं 


मेरे हाथों में ना तुम्हारा हाथ है ना साथ 

सितारे क़िस्मत के सोए भी तो क्या सोए हैं 


आँखों से बह गए अरमान सारे 

हम रोए भी तो क्या रोए हैं 


~त्राण 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts