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किसान हम नायक

thekaivthekaiv December 26, 2021
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 हम शूरवीर, हम नायक है

हम खूब लड़े , हम खूब लड़े।

हम अपने डर से लड़ते है,

 हम लड़ते अपने गुस्से से।

जंग जारी है तकदीर से अपनी,

जंग जारी है उनके रुतबे से।

हम शूरवीर, हम नायक है ,

हम खूब लड़े , हम खूब लड़े।

रोज़ लड़ाई होती है हमारी

अपनी तंगी से गरीबी से।

रोज़ एक उठा पटक सी होती है ,

तानाशाही और अमीरी से।

लड़ते हम अपने हक़ को

हर पल हर एक साँस साँस।

हारकर भी न थकते हम ,

मन में रखते कल की आस।

हम शूरवीर, हम नायक है ,

हम खूब लड़े , हम खूब लड़े।

शत्रु बहुत है यहाँ अपने ,

चंद मित्रो संग हम रह लेते।

नहीं हुआ तो क्या हुआ ,

हम एक रोटी में ही खा लेते।

सुख भी अपना दुःख भी अपना ,

भ्रष्टाचारी राजनीति की भेंट चढ़ा।

पर प्रकृति अपनी ऐसी है,

की जीवन जीना है रही सीखा।

जीतेंगे हम जीतेंगे हम,

ये हम सब ने है पाठ पढ़ा।

हम मजबूर थे हम क्या करते,

इसके शिवा न कुछ और बचा।

हम शूरवीर, हम नायक है,

हम खूब लड़े , हम खूब लड़े

by vikas tiwari 'Kaiviak



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