साल का वो एक दिन...'s image
Poetry1 min read

साल का वो एक दिन...

Thakur Yogendra SinghThakur Yogendra Singh October 14, 2022
Share0 Bookmarks 46 Reads2 Likes

साल का वो एक दिन

हर बार मुझे चांद की ऊंचाई पर ले जाता है।

जब चांद के साथ साथ, 

मेरा भी चेहरा,

दिये की रोशनी में,

छलनी से देखा जाता है।।


तुम्हारा मेरे लिए यूं भूख-प्यास सहना,

मेरा रोम रोम, 

पल-पल रोमांचित करता है।

तुम्हारा प्यार,

तुम्हारा त्याग, 

तुम्हारा समर्पण,

मेरी सांसों में, 

नित चाहत की आक्सीजन भरता है।।


तुम्हारा मुझ पर भरोसा,

मेरा सिर 

गर्व से और ऊंचा कर देता है।

दिल करता है,

अपनी उम्र भी तुम्हारे नाम कर दूं,

क्योंकि तुम्हारा हर आलिंगन, 

मेरे दिल को 

अगणित मधुर भावो से भर देता है।।


"मैं हूं तो तुम हो" 

से शुरू हुआ ये सफर,

अब "तुम हो तो मैं हूं" 

का अहसास दिला रहा है।

और हर साल की तरह, 

तुम्हारी करवा चौथ का ये दिन भी

हमारे रिश्ते को

दिन - ब - दिन

प्यार ओर विश्वास से सजा रहा है।।
















No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts