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हर वर्ष दशहरा आता है...!

Thakur Yogendra SinghThakur Yogendra Singh October 5, 2022
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कितने रावण आज जलेंगे, मैदानों, चौपालों में।

किन्तु सुरक्षा सीता की, है फिर भी घिरी सवालों में।।

...

हर वर्ष दशहरा आता है, देने को सीख जमाने को।

रावण सिर्फ जला करता है, दुनियां को भरमाने को।।

...

हम भी यही मान बैठे हैं, फिर से वापस आएगा।

अगले साल,इसी दिन, फिर से मार,जलाया जाएगा।।

...

वरना तो ये हर समाज में, गांव, शहर में जिन्दा है।

इनकी काली करतूतों से, मानवता शर्मिंदा है।।

...

पहन मुखौटे सज्जनता के, रावण विचरण करते हैं।

गली, मोहल्लों, बाजारों में, दुराचार ही चरते हैं।।

...

कभी निर्भया, कभी अंकिता, होतीं सदा शिकार यहां।

एक अकेली लड़की की, नहीं सुनता कोई पुकार यहां।।

...

जब तक ये रावण, समाज में सख्त सजा ना पाएंगे।

तब तक नकली रावण ही, प्रतिवर्ष जलाए जाएंगे।।







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