प्रेम ठिकाना's image
Share0 Bookmarks 16 Reads1 Likes

चेहरा बदला, काया बदली,

साथ बदल गया जमाना,

कल बचपन बदला,

आज यौवन बदला,

बदलेगा घराना पुराना,

गर प्रीत न बदले,

जीवन की रीति न बदले,

फिर बदले क्यों प्रेम ठिकाना।

~~~~~सुहानी राय

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts