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प्रतीक्षा की आंच

Sudhir BadolaSudhir Badola October 17, 2022
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प्रतीक्षा की आंच


उसकी मधुर स्मृतियों का ओज ऐसा

मैं बरसों अग्नि पृथकता की सह गयी

वो रहा लक्ष्मण सा लीन कर्मभूमि में

मैं उर्मिला सी बाट जोहती रह गयी


-सुधीर बडोला

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