लहरों की हलचल's image
Share0 Bookmarks 170 Reads4 Likes

लहरों की हलचल


सीने पे मेरे रख हाथ अपना

दिल की धड़कन सुनाई देगी

कितना मचलता है मन का समंदर

लहरों की हलचल तुझसे कहेगी


रूठी हुई मंज़िल, उलझीं हुई राहें

मेरे तनहा सफ़र की कहानी कहेगी

मन में अंधेरे हों, उदासी ने घेरे हों

भरी रंगीन महफ़िल भी सूनी लगेगी


पलकों ने रोकी जो बहते अश्कों की धारा

ये जलती बुझती आँखें कब तक सहेगी

बेचैन दिल में कितनी कसक है

हँसते अधरों की खामोशी तुझसे कहेगी

 

सीने पे मेरे रख हाथ अपना

दिल की धड़कन सुनाई देगी

कितना मचलता है मन का समंदर

लहरों की हलचल तुझसे कहेगी

                             सुधीर बडोला

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts