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मुस्कुराहटों की कोई वजह नहीं होती।

Sudha KushwahaSudha Kushwaha October 5, 2021
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मुस्कुराहटों की कोई वजह नहीं होती।

जिंदा रहने के लिए किसी की जरूरत नहीं होती।

मन में अगर हो सच्ची श्रद्धा तो।

पानी की बूंदे भी मन के आंगन में बिखर जाएगी ।

तुम जिस तरफ नजर घुमाओ गे।

उस तरफ सिर्फ खुशियां ही खुशियां पाओगे।

अगर महाकाल के भक्त हो तुम तो भस्म लगाकर भी इतराओ गए।

मुस्कुराहटों की कोई वजह नहीं होती।

जिंदा रहने के लिए किसी की जरूरत नहीं होती।

अगर मन में रहेगा बैराग पन।

तो तुम करोड़ों की दौलत पाकर भी लूट आओगे।

तुम उस महाकाल की नगरी तक चले ही आओगे।

तुम जीवन का असली महत्व समझ गए तो।

तुम हर हाल में मुस्कुराओ गे।

जीवन बना रहा तो।

तुम शिव तक आओगे।




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