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क्या बात है।

Sudha KushwahaSudha Kushwaha April 10, 2022
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क्या बात है।

आजकल क्यों इतना मुस्कुरा रहे हो।

दिल में क्या राज है जो छुपा रही हो।

हमारे दिल से जुड़ कर दिल तक क्यों चले आ रहे हो।

आखिर क्यों मुस्कुरा रहे हो।

हर बार इस दिल को यह भरोसा दिला रहे हो।

तुम खुद को शिव बनने की कोशिश करके।

मुझे सती बना रहे हो।

आखिर आजकल तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो।

दिल में क्या राज है जो छुपा रहे हो।

खामोश अपने ही पलकों पर तुम इतरा रहे हो।

आखिर क्यों अपने दिल में मेरे दिल को दबा रहे हो।

तुम क्यों भूल जा रहे हो।

दोनों का अस्तित्व एक है ।

शिव और शक्ति एक है।

ना कोई काम ना कोई ज्यादा है।

शिव शक्ति से संसार चलाता दोनों आधा-आधा है

क्या बात है।

तुम इतना क्यों मुस्कुरा रहे हो।

लगता है दिल में कोई राज छुपा रहे।

चांदनी रातों को देखकर मेरे हुस्न का दीदार कर रहे हो।

आखिर आज तुम मेरी कदर कर रहे।

हमारे हुस्न पर मर रहे हो।

इस वक्त का इंतजार था।

घड़ी दो घड़ी मुझे याद करके तुम अपनी किस्मत पर इतारा रहे हो।

चलो अच्छा है कम से कम हम याद करके मुस्कुरा रहे हो।

इसी बहाने अपने दिलों का गम मिटा रहे हो।

अमृत की एक बूंद _सुधा

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