मैं तो आज भी उद्दंड ही हूँ!!'s image
Love PoetryPoetry1 min read

मैं तो आज भी उद्दंड ही हूँ!!

Shrutika SahShrutika Sah February 3, 2022
Share0 Bookmarks 16 Reads0 Likes

कक्षा में कुछ उद्दंड लड़के थे,
और..
उनकी सारी शरारतों में उनका साथ दिया करती थी मैं,

फिर...
वो कक्षा में एक ओर खड़े रहते थे हमेशा
वो तब भी मुझे बचाया करते थे;

मुझे बचाते-बचाते वो उद्दंड से लड़के हो गए एकदम शांत
मैं....
मैं तो आज भी उद्दंड ही हूँ,
वो तब से लेकर आजतक मुझे बचाते ही आए हैं!

श्रुतिका साह

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts