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देखना स्त्री!!!

Shrutika SahShrutika Sah March 8, 2022
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जितना भी जिस्म तुम
बचा पाई हो
चीख चीख कर,

वो
अदालतें नोच खाएंगी,

और
सभ्यताएं पड़ी रहेंगी
बिस्तर पर
नग्न
चादरें ओढ़े

देखना।

✍️श्रुतिका साह

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