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ये आईना है या मैं हूं

Shikha singhShikha singh April 30, 2022
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आजकल जब भी आईने मे खुद को देखते हैं,

खुद से थोड़ा प्यार और हो जाता है,

आईने में वो शख़्स दिखता है

जिसका अक्स मुझसे मिलता है,

मुकम्मल हो गई है जैसे खुद ही मेरी शख्सियत,

मजबूत सी दिखने लगी है अब मेरी शख्सियत

खामोशी जब से तोड़ी है,

खुद से लगाव थोड़ा बढ़ गया है

खुद से प्यार थोड़ा और बढ़ गया है ।

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