कौनसा जीवन बेहतर है's image
Share0 Bookmarks 3571 Reads1 Likes
गिरकर उठना उठकर गिरना फिर उठ जाना बचपन है
फिर लगातार  चलते रहना  यही जवानी  का  फन है
फिर  ठोकर  खाकर ना  उठना  ये अति बूढ़ापन है 
अब तुम्हीं बतलाओ साथी कौनसा जीवन बेहतर है
मैंने सोचा समझा जाना है बचपन ही सबसे उत्तम है 
शैलेंद्र शुक्ला "हलदौना"
ग्रेटर नोएडा 

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts