कदम कदम पर ठोकरें's image
Poetry1 min read

कदम कदम पर ठोकरें

seema392soodseema392sood January 7, 2023
Share0 Bookmarks 53 Reads0 Likes
कदम कदम पर ठोकरें,

खाकर तुम मुस्कुरा लिया करो,

रोने से किसी की बात नहीं बनती जहां,

दूसरों को देख तुम मुस्कुरा लिया करो।।

सीमा सूद ✍️ स्वरचित रचना

दोराहा (जिला लुधियाना)




No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts