हकीकत's image
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शरीर की मिट्टी साबुन से नहाने के बाद चली जाती है,

लेकिन मन की मिट्टी हज़ार बार साबुन से नहाने के बाद भी नहीं जाती।

 

लोग कहते हैं, 'पूजा करने से मन की मिट्टी धो जाती है' 

लेकिन पूजा करने के बाद भी लोग चोरी करते हैं

और चोरों भी हर रोज़ साबुन से नहा कर पूजा करते हैं।

इसलिए जनता को नहीं पता है कि

कौन इंसान और कौन चोर है।

सच्चा इंसान और सच्चा बनने के लिए

चोरों को अपना प्रतिनिधि बनाता है।

 

ऐसे ही अच्छा इंसान चोर बन जाता है।

और चोर बन जाता है अच्छा इंसान।

यही हकीकत है।

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