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दिल की बात सुनो

sb8286calsb8286cal September 28, 2022
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दुनिया की बात सुनकर चलोगे तो कभी आगे नहीं पाओगे,

सुनो हमेशा अपना दिल की बात।

मन भटकता रहता है कुत्तों की तरह-

उसका कोई घर नहीं है, ना है ठिकाना-

लेकिन दिल का ठिकाना है अपनी अनुभूति,

जो सच है सूरज की तरह।

अपनी अनुभूति को महसूस करो-

मन महसूस करना नहीं जानता-

वह सिर्फ जानता है कैसे दिल को दर्द देना होता है।

मगर अनुभूति जानती है कैसे दिल को आराम देना होता है।

मन की बात कभी मत सुनो,

सुनो दिल की बात।

मन की तसवीर में दुनिया को मत देखो,

देखो सिर्फ अपना दिल की तक़दीर से

और महसूस करो अपनी अनुभूति।

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