#कविशाला's image
Share0 Bookmarks 16 Reads1 Likes
अकसर जब उसे मेरी याद आती होगी
मुंह तकिए में छिपा दरिया बहाती होगी।

इतने दरिया पीकर भी ख़ामोश पड़ा है
वो तकिया भी अब समंदर हो चला है।

__सौरभ✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts