इंतजार's image
Share0 Bookmarks 36 Reads1 Likes
मै तुम्हारे लिखे ख़तों को जाला तो दू लेकिन्
तेरी यादों को जलाये वो आग कहाँ से लाउन्गा
अब तू आ भी जाए अगर लौटकर मुझसे मिलने
मै अपनी साँसों को वापस कहाँ से लाउन्गा

मै आज अपनी ये आखरी  ख़्वाहिश लिख जाउन्गा
जनाजे को मै अपने  तेरी गलियो से ले जाउन्गा
तू खिडकी से ही मंजर देख लेना मेरी मौत का
बार बार तेरी गली में मै  घुमने फीर कहाँ से आउन्गा

तमाम रातें मैंने तेरे तस्सव्वुर पे क़ुर्बान की है
उन रातों के मै चाँद सितारे अब कहाँ से लाउन्गा
अब तो दीदार दे  के मेरी आखरी  साँसे बची है
इन निगाहों में मै फीर तेरा इंतजार कहा से लाउन्गा




     

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts