जीवन का भार's image
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अक्सर नौकरीपेशा,

लोगों के,

काँधों पर रहता है,

दो जीवन का भार।


एक छद्म,

सोमवार से शनिवार,

और एक,

वास्तविक जीवन रविवार।


-संजू

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