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चाँद (दोहे)

SahilSahil October 25, 2021
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खूँटी पे मीनार की, टंगा हुआ था चाँद

छप्पर इतना दूर था, पहुँच सका ना चाँद 


तुझसे करवा चौथ है, तुझको देखे ईद 

बँटे हुए इंसान की, चंदा तू उम्म

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