मुसाफिर's image
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मुसाफिर हैं हम सब ,

कब तक रहेंगे ना कोई ठिकाना,

एक दिन चले जाना है ।

ए रिश्ते नाते यहीं रह जायेंगे,

बस अपनी यादों को छोड़ जाना है ।

ये दौलत ए शोहरत ये माया की लालच,

सब छोड़ जाना है ।

मुसाफिर हैं हम सब,

एक दिन चले जाना है ।।



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