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Kavishala DailyPoetry1 min read

खुशनुमा माहौल

Sahdeo SinghSahdeo Singh May 29, 2022
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एक खुशनुमा माहौल में जीने की ललक है,

जहां खुशियां ही खुशियां हों,

खिलखिलाहट की छनक हो,

ना किसी चेहरे पर मायूसी हो,

ना गम की हो परछाई,

आंखों में उम्मीदों की हो सुनहरी तरुणाई,

हर इंसान के सपनों में हो आशा की

छलकती ज्योति,

जीवन हो सुनहरा सरगम की ऋतु आई ।।



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