खामोशी की खाई's image
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क्यों इतनी उदासी छाई है,

हर तरफ मौन की बदरी घिर आई है,

एक धुंध हर दिशाओं में फैली है

कोई हलचल नहीं सुनाई है ।

पक्षियों ने भी अपने अपने घोंसलों

में चुपचाप छिप कर बैठे,

ना कोई चहचहाट न कोई कलरव

कोई तूफान आने का आहट पाई है ।

इतना गमगीन क्यों हो गया है आलम

कोई जीवन की हलचल दिखती नहीं

अजीब मौन फिजाओं में फैली,

जैसे जिंदगी खामोशी की खाई में ।।

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