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जिंदगी गुलिस्तां

Sahdeo SinghSahdeo Singh January 3, 2022
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जिंदगी को बोझ न समझो,

जिंदगी वो गुलिस्तां है ,

जिसमें फूल अनेकों खिलते हैं

मगर मौसम बदलने पर ।

कभी कभी मुरझा जाते हैं

जो फूल उनमें फिर से खिलने

की हसरत है,

कुछ खाद पानी देकर विशेष ध्यान

की जरूरत है ।

जिंदगी भी कभी कभी निराशा से

घिर जाती है,

फिर से विश्वास जगाने की जरूरत

है ।

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