झुकना नम्रता's image
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जो झुका वो रूका,

जो अड़ा वो गिर पडा,

झुकना नम्रता की पहचान है,

अडे रहना अहंकार और अभिमान है,

जो समय और हालात के सामने झुक गया,

वो भविष्य में हालात से जीत सकता है,

और जो अभिमान में रहेगा,

वो मिट सकता है ।

तुफान में जो पेड पवन के तीव्र वेग में

झुक जाते हैं वे गिरते नहीं,

पर जो बड़े दरख्त झुकते नहीं,

जड सहित उखड़ जाते हैं

अस्तित्व हीन हो जाते हैं ।

जीवन भी इसी तरह है,

जो वक्त के तुफान को सह लेते हैं

उनके हालात समय के साथ सुधर जाते हैं,

पर जो अहंकार अभिमान में रहते हैं,

वे अपना वजूद खो देते हैं ।

झुकना,नम्रता जीवन की हकीकत है,

यही जिन्दगी की जरुरत है ।।

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