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बचपन के बिखरे मोती

Sahdeo SinghSahdeo Singh May 30, 2022
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बिखरी यादों के मोती को समेटने लगा,

उन मासूम बचपन के पलों को जीने लगा,

हम दोस्तों की टोली जिसमें करते हम सब

हंसी ठिठोली,

एक दूजे के हाथों में हाथ डाले,

खेल खेल में मस्ती करते हमजोली,

वो भी क्या दिन थे ना खाने की फिकर

ना खोने का कोई गम,

बस मस्ती ही हमारी हस्ती,

मस्त हमारी टोली ।

आज भी उन खुशनुमा पलों का झोंका

बचपन को लौटा लाया, खो गया उन हंसी पलों में

जीने लगा बचपन का वह सुखद छाया ।।

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