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नारी तू शक्ति

Roshan KumarRoshan Kumar March 9, 2022
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क्षमताओं का असीमित भंडार हूँ 
माँ का प्यार, पापा की दुलार हूँ 
मत समझना हमें कमज़ोर 
मैं दो-धारी तलवार हूँ 
ममता ,त्याग , दया की रूप हूँ 
छेड़ोगे तो काली स्वरूप हूँ 
प्रेम की अभिव्यक्ति होती जहाँ से 
वो रश्मि- शृगार्ं हूँ 
निश्छल, पवित्र, मधुक्रीत वीणा की तार हूँ 
अस्तित्व हूँ जीवन का 
इस ब्रहमांड की 
मैं भी एक अवतार हूँ 
मैं बेटी, बहु, और माँ का एक 
किरदार हूँ 
हाँ मैं नारी, प्यार, समर्पण 
और परिवार की वफादार हूँ 
हाँ मैं क्षमताओं का असीमित भंडार हूँ 

   कुमार रोशन 

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