थोड़ा रख किनारे's image
Poetry1 min read

थोड़ा रख किनारे

Roopali TrehanRoopali Trehan January 9, 2022
Share0 Bookmarks 7 Reads0 Likes

ज़रूरतों को थोड़ा रख किनारे

ख्वाबों पर भी ध्यान दें

ज़िम्मेदारियाँ कभी ना होंगी ख़त्म

ये अच्छे से जान लें


बेचैनियों को थोड़ा रख किनारे 

दिल ओ दिमाग़ को आराम दें

उलझनें कभी ना होंगी ख़त्म

ये भली भांति मान लें


अपेक्षाओं को थोड़ा रख किनारे

ख़ुद की करनी पर भी ध्यान दें

इच्छाओं का ना कोई छोर है

इस सत्य को जान लें

✍️✍️

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts