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तारीखें बदल रही हैं

Roopali TrehanRoopali Trehan February 6, 2022
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तारीखें बदल रही हैं

दिन पलट रहें हैं

उम्र तो बढ़ रही है

मगर हम घट रहें हैं


समय गुज़र रहा है

लम्हें फिसल रहें हैं

हकीकतें तो चल रही हैं

मगर ख़्वाब बिचल रहें हैं


अँधेरे ढल रहें हैं

सवेरे उभर रहें हैं

उम्मीदें तो बंध रही हैं

मगर हौसले बिफर रहें हैं

✍️✍️



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