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शर्तें ज़िंदगी की

Roopali TrehanRoopali Trehan March 6, 2022
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शर्तें ज़िंदगी की निभाते चले गए

उदासियों को कर किनारे

मुस्कुराहटें अपनाते चले गए


मिली जो न मंजिलें

रास्तों से इश्क़ फरमाते चले गए

आसानियों को कर परे

दुश्वारियों से हाथ मिलाते चले गए


छोड़ चिंता कल की सारी

हम आज को अपनाते चले गए

अंधेरों को कर किनारे

उजालों के दीप जलाते चले गए


शर्ते ज़िंदगी की निभाते चले गए!!


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