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कसक पुरानी यादों की

Roopali TrehanRoopali Trehan November 5, 2021
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भागदौड़ में बीता दिन 

घर में रहा उजियारा

मन के किसी कोने में

पसरा रहा अंधियारा


कसक पुरानी यादों की

रुकी नहीं भी इक पल

माँ पापा की कमी

उठती रही बराबर


लब रहे मुस्कुराते

जहन रहा बिलखता

अश्कों को थामने की

समझ ना पाई विवशता

✍️✍️

    

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