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जाते नहीं छोड़कर

Roopali TrehanRoopali Trehan April 29, 2022
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जाते नहीं छोड़ कर

शिकवे हों या जज़्बात

शूल की तरह चुभते हैं

अपनों के दिए हुए घात


भूले नहीं भुलाते

दर्द भरे लम्हात

दुःख बहुत देते हैं

बदले हुए ख्यालात


बदलते नहीं कभी

बिन पूछे सवालात

सताते हैं बहुत

बिगड़ते हुए हालात

✍️✍️

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