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एहसासों के विहंग

Roopali TrehanRoopali Trehan April 28, 2022
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परखिए न यूं बात बात में

कि रिश्ते टूट जायेंगे

राहें हैं दूरियों की पथरीली बहुत

पाँव नज़दीकियों के चोटिल हो जायेंगें


गलतफहमियों के पनपने से

मोती संबंधों के बिखर जायेंगे

उठ गईं दीवारें जो दिल में तो

अपने ही अपनों को अखर जायेंगें


शिकवे शिकायतों के जाल में

पंछी जज़्बातों के उलझ जायेंगे

बढ़ी जो धूप क्रोध की तो

एहसासों के विहंग कुम्हला जायेंगे

✍️✍️

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